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Showing posts from October, 2017

Yarana - 4

Yarana अनिकेत प्रिया रूही और अपने दोस्तों के साथ कॉलेज के बैक साइड पहुंचता है। उसके चेहरे से साफ साफ दिखाई दे रहा होता है कि वह कितना उदास है। रितिक की इस हरकत से। लेकिन फिर भी कुछ नहीं कह रहा होता है। उसके दोस्त नीरव को सीढ़ियों पर बिठाते हैं। प्रिया को उसकी हालत देखकर रोना आ जाता है। वह उसे बोलती है - हमें माफ कर दो नीरव। हमें बचाने में तुम्हारा यह हाल हो गया। रूही उसके पास जाती है और अपने दुपट्टे से उसके माथे का खून साफ करते हुए बोलती है। बहुत दर्द हो रहा होगा ना आपको भाई। यह सब मेरी वजह से हुआ है। मुझे यहां वापस आना ही नहीं चाहिए था। नहीं क्या सोच रही थी मैं तो यहां वापस आ गई में। मुझे लगा इतने सालों बाद सब कुछ ठीक हो गया होगा। मेरे यहां रहने से किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन कितनी गलत थी ना मैं। रितिक मेरी वजह से ही इतना गुस्सा कर रहा है। मुझे माफ कर दो। तब नीरज उसे बोलता है पागल है क्या। तू क्यों अपने आप को दोष दे रही है छोटी?? यह जो भी है इसमें तु अपने आप को ब्लेम करना बंद कर दें। तेरी कोई गलती नहीं है। वह रितिक तो पागल हो गया है जो बिना वजह तुझ पर गुस्सा करता रहता है। रूही ...

Yarana - 3

Yarana शाम को प्रिया, रूही और उसकी सहेली साथ में जा रहे होते हैं। लेकिन रास्ते में रितिक और उसके दोस्त बीच में गाड़ी रोककर मस्ती कर रहे होते हैं। तभी उनकी नजर रूही और प्रिया पर जाती है। रितिक का दोस्त उसे प्रिया और रूही की तरफ इशारा करता है। फिर वह लोग उन्हें रोक कर परेशान करने लगते हैं। रितिक रूही की तरफ नफरत से देखता है। रूही को उसे ऐसा देखकर बुरा लगता है। वो वहा से चुपचाप जाने है लेकिन रितिक हाथ आगे बड़ाकर उसका राश्ता रोक लेता है। और उसे को बोलता है। क्या बात है?? आज अकेले घूम रही हो। तुम्हारे वह बॉडीगार्ड कहां है। कहीं उन्होंने भी तो तुम्हें छोड़ नहीं दिया। लगता है उन्हें भी एहसास हो गया कि तुम्हारे आसपास रहने पर भी उनकी सारी खुशियां बर्बाद हो जाएगी। चलो अच्छी बात है कम से कम अब तो उनका दिमाग सही हुआ। प्रिया को  उसकी बात सुनकर गुस्सा आ जाता है। वो रूही को अपने पीछे करती है। और रितिक को गुस्से में बोलती है। देखो रितिक इस तरह हमारा रास्ता रोककर हमें परेशान मत करो। और तुम रूही से ऐसे क्यों बात कर रहे हो?? क्या बिगाड़ा है उसने तुम्हारा?? जब देखो जब उसे परेशान करते रहते हो। और कोई का...

A Blind Boy - 2

A Blind Boy आरुषि अपने कमरे में उदास बैठा होता है। तभी पीछे से उसकी मां खुश होकर वहां आती है। आरुष-आरुष और उसे प्यार से गले लगाती है। देखा मैंने कहा था ना सब ठीक हो जाएगा। देखो भगवान ने हमारी सुन ली। अब तुम भी बहुत जल्द देख पाओगे और उसके फोरहेड पर किस करती हैं। थोड़ी देर बाद वह दोनों कार में बैठकर हॉस्पिटल जाते हैं। जहां पर उसके आंखों का ट्रीटमेंट होने वाला होता है। डॉक्टर उसे चेक करते हैं फिर वह उसकी मां इसे कहते हैं। देखिए हम अपनी तरफ से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करेंगे। आप चिंता मत कीजिए आपका बेटा कुछ ही दिनों में देख पाएगा। हमें डोनर मिल गया है। बस एक बार ऑपरेशन हो जाए फिर वह पूरी तरह से ठीक हो जाए। अगले हफ्ते आरूष और उसकी मां घबराए हुए होते हैं क्योंकि आज आरुष की आंखों का ऑपरेशन होने वाला है। आरुषि अपनी मां से कहता है। मैं ठीक तो हो जाऊंगा ना माँ।  कहीं ऐसा ना हो हम इतनी उम्मीदें लगा कर यहां आए हैं लेकिन यहां पर भी डॉक्टर मेरी आंखों का कुछ नहीं कर पाए। इससे पहले भी तो हम कई जगह पर गए हैं लेकिन इतने सालों में कहीं भी मेरी आंखों का इलाज ठीक से नहीं हो पाया। तब उसकी मां उसे बो...

A Blind Boy - 1

A Blind Boy सुबह सुबह अलार्म बजने की आवाज आती है। उसे परेशान होकर आरुषि नींद में हाथ बढ़ाकर अलार्म को बंद करता है और आलसी में उठ कर बैठ जाता है। वह हाथ इधर-उधर करके अपनी स्टिक ढूंढता है और उसके सहारे खड़े होता है। वो बाथरूम में जाकर अपना मुंह वास करता है। वही साइड में उसका चश्मा रखा होता है वह उसे उठाकर पहनकर बाहर आता है। वह स्टिक के सहारे चलते हुए हॉल में आता है और डाइनिंग टेबल पर बैठ कर नाश्ता करने लगता है। थोड़ी देर बाद स्टिक के सहारे सीढ़ियों से नीचे उतरता है और गार्डन में जाता है। लेकिन वहां पर सारे बच्चे उसे देख कर उस पर हंसने लगते हैं और उसका आसपास सर्कल बनाकर उसके मजे लेने लगते हैं। उनमें से एक लड़का उसे धक्का दे देता है और वह नीचे गिर जाता है। निशा दौड़ते हुए आती है और आरुष को उठाते हुए कहती है। तुम ठीक तो हो ना। तुम्हें चोट तो नहीं लग गई और उसे अपने साथ ले जाती है। इड में बेंच पर बिठाती है और उसके हाथ पर हाथ रखकर उसे समझाती है। प्लीज आरुष तुम इन सब चीजों को इतना माइंड मत करो। तुम जैसे भी हो  बहुत अच्छे हो। तुम मेरे बेस्ट फ्रेंड हो। और मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि...

Yarana - 2

Yarana लेकिन इससे पहले कि वो उसके पास पहुंच पाए अनिकेत दोनों के बीच में आ जाता है और ना में इशारा करता है। वह प्यार से उसके गले लगकर उसके जेब में से पर्स निकालता है। और उसमें से पैसे निकाल कर रूही को दे देता है और कहता है - तुम जाओ यहां से अपना काम करो। अब तुम्हें कोई परेशान नहीं करेगा। फिर वो रितिक को उसका पर्स वापस पकड़ाकर कहता है। कूल ब्रो कूल इतना गुस्सा लेकर कहां जाएगा तू। थोड़ा ठंडा कर ले अपने दिमाग को और वहां से जाने लगता है। रितिक को उसकी बात सुनकर गुस्सा आ जाता है। वह गुस्से में अनिकेत के दोस्त को मारने लगता है। उसकी हरकत से अनिकेत के बाकी दोस्तों को गुस्सा आ जाता है और वह लोग उसे मारने के लिए आगे बढ़ने लगते हैं। पर अनिकेत उन्हें रोक लेता है। वो को रितिक को स्वीट स्माइल देते हैं और उसकी कलर ठीक करके वहां से जाने लगता है। प्रिया बस उसे इंप्रेस होकर जाते हुए देखती रहती है। अगले दिन पूरा कॉलेज टेंशन में होता है और सारे रिजल्ट के लिए नोटिस बोर्ड पर लिस्ट चेक कर रहे होते हैं। इतने में वहां अनिकेत भी अपने दोस्तों के साथ आता है। ठीक उसी वक्त दूसरी तरफ से रितिक और उसके दोस्त भी वहां पह...

Yarana - 1

Yarana Charector - Main Lead - Aniket                    2nd Lead - Ritik                    Heroine - Priya                    2nd Heroine - Ruhi अनिकेत और उसके दोस्त कार से कॉलेज में एंट्री करते हैं और अपनी कार पार्क करके क्लास की तरफ जा रहे होते हैं। तभी उनकी नजर कैंटीन में जाती है जहां पर कुछ लोग एक लड़की को परेशान कर रहे होते हैं। वो जैसे ही उनके पास पहुंचते हैं तो देखते हैं कि वह लड़की कोई और नहीं रूही है। जो कॉलेज में पढ़ने के साथ-साथ कैंटीन में पार्ट टाइम नौकरी करती है ताकि अपनी फीस भर सके। उसकी हालत देख कर उन्हें बुरा लगता है। रूही रितिक और उसके दोस्तों से पैसे मांग रही होती है ब्रेकफास्ट के। पर वह लोग उसे पैसे देने से मना कर देते हैं और उसे डरा कर चाय लाने के लिए बोलते हैं। वह भाग कर डर के मारे लेने चली जाते हैं। 5 मिनट बाद जब वह उन लोगों के लिए चाय लती  है तो वह लोग एक घूंट पीकर सारी चाय जमीन पर फेंक देते हैं और रूही पर हंस...