Yarana - 3

Yarana



शाम को प्रिया, रूही और उसकी सहेली साथ में जा रहे होते हैं। लेकिन रास्ते में रितिक और उसके दोस्त बीच में गाड़ी रोककर मस्ती कर रहे होते हैं। तभी उनकी नजर रूही और प्रिया पर जाती है। रितिक का दोस्त उसे प्रिया और रूही की तरफ इशारा करता है। फिर वह लोग उन्हें रोक कर परेशान करने लगते हैं। रितिक रूही की तरफ नफरत से देखता है। रूही को उसे ऐसा देखकर बुरा लगता है। वो वहा से चुपचाप जाने है लेकिन रितिक हाथ आगे बड़ाकर उसका राश्ता रोक लेता है। और उसे को बोलता है। क्या बात है?? आज अकेले घूम रही हो। तुम्हारे वह बॉडीगार्ड कहां है। कहीं उन्होंने भी तो तुम्हें छोड़ नहीं दिया। लगता है उन्हें भी एहसास हो गया कि तुम्हारे आसपास रहने पर भी उनकी सारी खुशियां बर्बाद हो जाएगी। चलो अच्छी बात है कम से कम अब तो उनका दिमाग सही हुआ।


प्रिया को  उसकी बात सुनकर गुस्सा आ जाता है। वो रूही को अपने पीछे करती है। और रितिक को गुस्से में बोलती है। देखो रितिक इस तरह हमारा रास्ता रोककर हमें परेशान मत करो। और तुम रूही से ऐसे क्यों बात कर रहे हो?? क्या बिगाड़ा है उसने तुम्हारा?? जब देखो जब उसे परेशान करते रहते हो। और कोई काम नहीं है तुम्हारे पास। अब हटो हमारे रास्ते से और उसे धक्का देती है। लेकिन वह गुस्से में उसका हाथ पकड़ कर मोड़ देता है। तुम होती कौन हो मुझे रोकने वाली। मैं जो चाहे करू और उन्हें परेशान करने लगता है। 


कुछ मिनट बाद नीरव और उसके दोस्त वहां से जा रहे होते हैं। तभी उनकी नजर प्रिया रूही पर जाती है जिन्हें रितिक और उसके दोस्त परेशान कर रहे होते हैं। वह भागकर उनके पास जाते हैं और रितिक को रोकने की कोशिश करते हैं। लेकिन रितिक अपने दोस्तों के साथ नीरव को बुरी तरह से मारने लगता है। उसकी हालत खराब कर देता है। प्रिया और रूही यह सब देखकर बहुत ज्यादा डर जाती हैं। वह रितिक को बहुत समझाने की कोशिश करती है कि नीरव को छोड़ दे। लेकिन रितिक पर तो जैसे भूत सवार हो गया था। वह बिना वजह उसे मारे जा रहा था।


इतने में उनमें से एक लड़का भागकर कॉलेज कैंपस में जाकर अनिकेत को ढूंढने लगता है। और जैसे ही उसे अनिकेत मिलता है। वह उसके पास जाकर उसे नीरव की हालत के बारे में बताता है। अनिकेत और उसके दोस्तों को गुस्सा आता है। वह भाग कर उस जगह पहुंचते हैं जहां पर रितिक और उसके दोस्त नीरव को बिना किसी वजह के मार रहे होते हैं।


नीरव की हालत देखकर अनिकेत को बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाता है। वह गुस्से में रितिक की कॉलर पकड़ता है और उसे जोर से एक मुक्का मारता है। फिर उसे सुनाता है - बचपन का दोस्त था तू मेरा। इसलिए तेरी हर बदतमीजी सही मैंने चुपचाप। कभी कुछ नहीं कहा तुझे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की तू कुछ भी करता रहेगा और मैं चुपचाप बैठ कर तमाशा देखता रहूंगा। तू इतना बदल जाएगा मैंने सोचा नहीं था। देख क्या हाल कर दिया है तूने नीरव का। सुकून मिल गया अब तुझे उसे इतना दर्द पहुंचा कर। कभी सोचा है अगर मालिनी मां को तेरी इस हरकत के बारे में पता चलेगा तो। क्या बीतेगी उन पर?? कितना दुख होगा उन्हें यह जानकर कि उनका बेटा अपनी नफरत में इतना गिर गया कि अपने ही दोस्त के साथ इस तरीके का सुलूक कर रहा है। और उसकी कॉलर को गुस्से में छोड़कर बोलता है - संभल जा मेरे यार इससे पहले कि तू सब कुछ खो दें। और अपने दोस्तों के साथ प्रिया और रूही दोनों का हाथ पकड़ कर वहां से चला जाता है।


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