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Showing posts from January, 2018

Rishtey - 4

Rishtey अगले दिन शिखा किचन से काम करके बाहर निकलती है और कमरे में इंटर करती है। वजह से ही कमरे की हालत देखती है चौक जाती है। सारा कमरा फैला हुआ होता है चादर, तकिया, खिलौने सब कुछ इधर-उधर पड़े होते हैं और बेड पर शिवम और आर्या दोनों एक दूसरे को गुदगुदी कर रहे होते हैं। वह गुस्से में उन्हें बोलती है -  ये सब क्या हो रहा है?? यह क्या हाल बना दिया है तुम दोनों ने कमरे का?? उसकी इतनी गुस्से वाली आवाज सुनकर दोनों एकदम से शांत हो जाते हैं। शिखा शिवम को कहती है यह तो बच्ची है पर तुम भी देखो क्या हाल कर दिया और गुस्से में सामान उठाने लगती है। शिवम और आर्या एक दूसरे को देखते हैं आर्या अपने पापा को प्यार से बोलती है मम्मा तो नाराज हो गई। तब शिवम उसे इशारा करता है और फिर वह दोनों भाग कर शिखा को गुदगुदी करने लगते हैं और फिर वह सारे बेड पर गिर जाता है। थोड़ी देर बाद शिवम कार में बैठे हुए शिखा को जोर जोर से आवाज लगा रहा होता है। शिखा प्लीज जल्दी करो हमें लेट हो रहा है। पीछे से शिखा आवाज लगाती है आई शिवम और अपना पर्स लेकर आर्या का हाथ पकड़ते हुए बाहर आती है और कार में बैठकर वह सारे चले जाते हैं। शिव...

Rishtey - 3

Rishtey सनाय साइड में खड़े होकर यह सब देख रही होती है उसे फील होता है कि वह फैमिली रियूनियन में बिना वजह का दखल दे रही है इसलिए वह बोलती है - मैं कुछ खाने के लिए लाइ हु। आपने सुबह से कुछ नहीं खाया होगा प्लीज थोड़ा सा खा लो और प्लीज साइड में रख कर वहां से चली जाती है। शिवम उसे जाते हुए देखता रहता है और समझ जाता है कि वह उदास है। फिर वह शिखा को देखकर इस्माइल करता है। और उसे अपने हाथों से खाना खिलाने लगता है। शिखा भी उसे प्यार से खाना खिलाने लगती है और बोलती है - आज कितने दिनों बाद अपने परिवार को वापस पाकर ऐसा लग रहा है जैसे मुझे सब कुछ मिल गया। अब बस उम्मीद है कि दोबारा और कुछ कहना ना पड़े। रात को आर्या और शिखा आराम से सो रहे होते हैंसनाया  शिवम उनके सर पर हाथ फेरते हुए उन्हें स्माइल करते हुए देखता है फिर वह उठकर धीरे से गेट बंद करके चुपचाप बिना शोर किये वहां से चला जाता हैसनाया  इधर सनाया अपने कमरे में सामान पैक कर रही होती है तभी वहां पीछे से शिवम आ जाता है। तुम यह क्या कर रही हो?? कहि तुम यह तो नहीं  सोच रही हो ना की अब शिखा वापस आ गई है  तो में यह से चली जाओ। सनाया...

A Blind Boy - 4

A Blind Boy आरव के जाने के बाद आरुष उसकी कही बात सोचते रहता है और उसे अपनी गलती का एहसास होता है। वह सोचता है जब निशा उसे मिलेगी वह उसे अपनी गलती की माफी मांग लेगा और फिर वहां से चला जाता है।   इधर आरव को निशा के लिए बुरा लगता है। वह भाग के घर के बाहर जाता है और निशा को ढूंढने लगता है और सोचता है। भाई ने यह सही नहीं किया। कितना बुरा लगा होगा निशा दी को। मुझे उनसे बात करनी होगी। भाई यह क्यों नहीं समझ रहे हैं कि निशा दी उनकी कितनी केयर करती है। उन्हें उनसे अच्छी दोस्त नहीं मिल सकती और चारों तरफ देखने लगता है फिर वह सोचता है कहीं निशा दी गार्डन में तो नहीं और फिर वह गार्डन की तरफ निकल जाता है। वह जैसे ही गार्डन में पहुंचता है उसकी नजर उसी जगह पर जाती है जहां पर निशा दी और आरुष हमेशा बैठते हैं। वहां पर निशा आराम से सर झुकाए बैठे ही होती है। वह उनके पास जाता है और बैठ जाता है। आपको पता है निशा दी। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि अब आपको दिखाई नहीं देता। आप अभी भी उतनी ही अच्छी हो जितनी कि आप पहले थी और अगर आरुष भैया को यह समझ नहीं आ रहा तो वो आपके दोस्त कहलाने लायक नहीं है। आप उनकी वजह से ...

A Blind Boy - 3

A Blind Boy कुछ दिन बाद आरूष गार्डन में आराम से ट्रैक पर चल रहा होता है। तभी सामने से एक लड़का साइकिल लेकर आता है यह सोच कर कि वह आयुष को गिर आएगा। लेकिन जैसे ही वह उसके पास पहुंचता है आरूष थोड़ा साइड हटकर उसी को गिरा देता है। वह लड़का शौक हो कर आरुष को देखने लगता है। तभी वहां पर सामने से निशा स्टिक के सहारे चलते हुए आती है ।आरुष उसको इस हालत में देख कर चौक जाता है और पूछता है। निशा यह क्या है?? क्या हुआ तुम्हें?? तुम इस तरह स्टिक का सहारा लेकर चल क्यों रही हो?? क्या तुम्हें दिखाई नहीं दे रहा?? तब निशा उसे टच करती है और कुछ बोलने ही वाली होती है लेकिन आरूष पीछे हट जाता है नहीं यह नहीं हो सकता और वहां से भाग कर चला जाता है। पीछे से निशा उसे आवाज लगाती रहती है लेकिन वह नहीं सुनता। थोड़ी देर बाद आरूष अपने कमरे में कांच के सामने खड़ा होकर अलग-अलग कलर की शर्ट ट्राई कर रहा होता है। तब वहां पर उसका छोटा भाई आरव आ जाता है और पूछता है भाई आप क्या निशा से मिले?? पता नहीं क्या हो गया है उसे?? इतने दिनों से वह घर भी नहीं आई। तब आरुष से बोलता है नहीं यार निशा बहुत बोरिंग है लेकिन जैसे ही उसकी नजर स...