Rishtey - 3

Rishtey



सनाय साइड में खड़े होकर यह सब देख रही होती है उसे फील होता है कि वह फैमिली रियूनियन में बिना वजह का दखल दे रही है इसलिए वह बोलती है - मैं कुछ खाने के लिए लाइ हु। आपने सुबह से कुछ नहीं खाया होगा प्लीज थोड़ा सा खा लो और प्लीज साइड में रख कर वहां से चली जाती है।


शिवम उसे जाते हुए देखता रहता है और समझ जाता है कि वह उदास है। फिर वह शिखा को देखकर इस्माइल करता है। और उसे अपने हाथों से खाना खिलाने लगता है। शिखा भी उसे प्यार से खाना खिलाने लगती है और बोलती है - आज कितने दिनों बाद अपने परिवार को वापस पाकर ऐसा लग रहा है जैसे मुझे सब कुछ मिल गया। अब बस उम्मीद है कि दोबारा और कुछ कहना ना पड़े।


रात को आर्या और शिखा आराम से सो रहे होते हैंसनाया  शिवम उनके सर पर हाथ फेरते हुए उन्हें स्माइल करते हुए देखता है फिर वह उठकर धीरे से गेट बंद करके चुपचाप बिना शोर किये वहां से चला जाता हैसनाया 


इधर सनाया अपने कमरे में सामान पैक कर रही होती है तभी वहां पीछे से शिवम आ जाता है। तुम यह क्या कर रही हो?? कहि तुम यह तो नहीं  सोच रही हो ना की अब शिखा वापस आ गई है  तो में यह से चली जाओ। सनाया उसे बोलती है ऐसी कोई बात नहीं है। मुझे मैनेजर का कॉल आया है। मुझे एक इंपॉर्टेंट मीटिंग के लिए बाहर जाना पड़ेगा। शिवम उसके कंधे पर हाथ रख कर बोलता है  अगर कोई दिक्कत है तो मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूं। तब सनाया उसका हाथ पकड़ कर बोलती है - तुम इतना परेशान मत हो। ऐसी कोई बात नहीं है। मुझे लगता है इस वक्त तुम्हारा घर पर रहना ही सही होगा। शिखा को तुम्हारी यहां ज्यादा जरूरत है। तब शिवम उससे बोलता है - ठीक है लेकिन अगर तुम्हें किसी भी प्रकार की परेशानी हुई तो प्लीज मुझे एक कॉल कर देना। सनाया उसे इग्नोर कर कर अपना काम करने लगती है और शिवम वहां से चला जाता हैसनाया  उसके जाने के बाद वह उदास हो जाती है और सोचती है मुझे पता है मेरे होते हुए तुम सिखा को टाइम नहीं दे पाओगे और मैं तुम दोनों के बीच नहीं आना चाहती इसलिए मेरा जाना बहुत जरूरी है।

Comments

Popular posts from this blog

Rishtey - 4

Yarana - 6

Yarana - 5